Friday, March 29, 2019

 एप्पण : उत्तराखंडी संस्कृति की एक झलक 

 उत्तराखंड  एक  ऐसा राज्य है। जंहा हमें मनमोहक व्यंजन ,फल ,फूल ,वृक्ष एवं सूंदर पहाड़िया  देखने को मिलती है। बोला जाये तो यह सब हमारी संस्कृति ही है। जंहा संस्कृति में एप्पणं   एक ऐसी संस्कृति है , जो उत्तराखंड की चित्रकला को भी दर्शाता है। पहाड़ो के मकानों में साज सज्जा के लिए दरवाजो , चौखट पर मोर ,कलश ,गणेश  आदि की चित्रकला की जाती है। यहाँ  पर बने घर इतने आकर्षक होते है और  घरो पर की गई साज सज्जा मन मोह  लेती है।  और   पहाड़ो ,पेड़ पौधे ,जैसी चित्रकला भी की जाती है।  जो गढ़वाली भाषा में (एप्पंण  ) कहा  जाता है। और सीधी एवं सरल भाषा में रंगोली कहा  जाता है।  रंगोली अगर हम कहे तो इसे हम किसी भी त्यौहारो में प्रवेश द्वार पर अच्छी सजावट एवं रंग बिरंगे रंगो से  बनाते है।  जिसका अर्थ  समझा जाये तो घर पर आने वाले किसी भी अतिथि का स्वागतम एवं उसकी मंगलकामना करते है।  

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