मन वांछित फल देती है , माँ कुंजापुरी
हिंडोलाखाल नामक स्थान से दांई ओर एक शाखा सड़क पर ४ किमी , घुमावदार पहाड़ी मार्ग तय करने पर ऊँची पर्वत शिखर पर माता कुंजापुरी का भव्य एवं दिव्य मंदिर अवस्थित है।

यह एक मंदिर के अलावा पर्यटक स्थल भी है। यंहा पर्यटको का एवं भक्तो का आना -जाना लगा रहता है। यंहा लोग दूर -दूर से माता के दर्शन करने आते है। एवं लोग अपनी परेशानिया भी माता को व्यक्त करते है। और माता भी उनकी परेशानियों को हर लेती है। एवं माता उनकी हर इच्छाओ को भी पूरा करती है। यंहा का सबसे रोमांचक दृश्य , यंहा की ऊँची पहाड़िया एवं मंदिर से दिखने वाली वो हिमालय की सफ़ेद चादर ओडी चोटिया ,जो सब लोगो का मन मोह लेती है। और प्रकृति की सुंदरता से पर्यटक दर्शीभूत हो जाते है।
यंहा जो भी भक्त या पर्यटक आते है। उन्हें यंहा पहाड़ी पर चढ़ाई चढ़कर मंदिर में जाना पड़ता है। और उन्हें इन पहाड़ियों पर अनेक प्रकार के पेड़ - पौधे ,फल -फूल आदि चीजों से परिचय होता है। और काफल , बुरांस जैसे स्वादिष्ट फल एवं फूल का लुत्फ़ उठाते है।
एवं ध्यान देने वाली बात तो यह है। की यंहा ग्रीष्म ऋतू में सर्वाधिक भक्त एवं पर्यटक आते क्योंकि यंहा का मौसम उस ऋतू में सबसे अच्छा रहता है। परन्तु अगर यंहा का मौसम बारिश में बदल गया तो , यंहा सहित ऋतू का मौसम प्रतीत होने लगता है.. . . . जो वास्तव में सभी लोगो को दर्शभूत क्र लेता है।
हिंडोलाखाल नामक स्थान से दांई ओर एक शाखा सड़क पर ४ किमी , घुमावदार पहाड़ी मार्ग तय करने पर ऊँची पर्वत शिखर पर माता कुंजापुरी का भव्य एवं दिव्य मंदिर अवस्थित है।

यह एक मंदिर के अलावा पर्यटक स्थल भी है। यंहा पर्यटको का एवं भक्तो का आना -जाना लगा रहता है। यंहा लोग दूर -दूर से माता के दर्शन करने आते है। एवं लोग अपनी परेशानिया भी माता को व्यक्त करते है। और माता भी उनकी परेशानियों को हर लेती है। एवं माता उनकी हर इच्छाओ को भी पूरा करती है। यंहा का सबसे रोमांचक दृश्य , यंहा की ऊँची पहाड़िया एवं मंदिर से दिखने वाली वो हिमालय की सफ़ेद चादर ओडी चोटिया ,जो सब लोगो का मन मोह लेती है। और प्रकृति की सुंदरता से पर्यटक दर्शीभूत हो जाते है।![]() |
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यंहा जो भी भक्त या पर्यटक आते है। उन्हें यंहा पहाड़ी पर चढ़ाई चढ़कर मंदिर में जाना पड़ता है। और उन्हें इन पहाड़ियों पर अनेक प्रकार के पेड़ - पौधे ,फल -फूल आदि चीजों से परिचय होता है। और काफल , बुरांस जैसे स्वादिष्ट फल एवं फूल का लुत्फ़ उठाते है।
एवं ध्यान देने वाली बात तो यह है। की यंहा ग्रीष्म ऋतू में सर्वाधिक भक्त एवं पर्यटक आते क्योंकि यंहा का मौसम उस ऋतू में सबसे अच्छा रहता है। परन्तु अगर यंहा का मौसम बारिश में बदल गया तो , यंहा सहित ऋतू का मौसम प्रतीत होने लगता है.. . . . जो वास्तव में सभी लोगो को दर्शभूत क्र लेता है।


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