उत्तराखंड ऐसा राज्य है,जो सौंदर्य का धनी है। किन्तु कोरोना संक्रमण ने उत्तराखंड की १२ हजार करोड से अधिक के कारोबार वाली चारधाम यात्रा को बुरी तरह प्रभावित किया है।
इस संक्रमण ने उत्तराखंड की ही नहीं बल्कि पूरे देश की अर्थव्यवस्था को खोखला कर दिया है। लगभग एक करोड़ पच्चीस लाख की बुकिंग रद्द हो चुकी हैं।
माना जाता हैं कि उत्तराखंड एक ऐसा प्रदेश है, जंहा की अर्थव्यवस्था काफी कुछ इसी यात्रा पर निर्भर करती है।
एक तरफ सरकार की इसी यात्रा से अच्छी खासी आय होती है।
तो वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगो का जीवन भी इसी से होने वाली आय पर निर्भर करता है।
इस बार कोरॉना वायरस के संक्रमण की वजह से सरकार ने चारधाम यात्रा की गाइडलाइंस शुरू की। रद्द की गई बुकिंग की वजह से श्रद्धालु लोग चिंतित ना हो, अगले दो वर्ष में श्रद्धालु अपनी समय अनुसार चारधाम दर्शन को जा सकते है।
साथ ही उन्हें उसी पर भुगतान करना होगा , जिस पर बुकिंग हुई थी।
कोरोनावायरस महामारी से बचाव के तहत जारी सरकारी परामर्श के अनुसार फिलहाल धार्मिक स्थलों में तीर्थयात्रियों को आने की अनुमति नहीं है। और बद्रीनाथ के कपाट खुलने के दौरान सीमित संख्या में लोग मौजूद रहे।
इस संक्रमण ने उत्तराखंड की ही नहीं बल्कि पूरे देश की अर्थव्यवस्था को खोखला कर दिया है। लगभग एक करोड़ पच्चीस लाख की बुकिंग रद्द हो चुकी हैं।
माना जाता हैं कि उत्तराखंड एक ऐसा प्रदेश है, जंहा की अर्थव्यवस्था काफी कुछ इसी यात्रा पर निर्भर करती है।
एक तरफ सरकार की इसी यात्रा से अच्छी खासी आय होती है।
तो वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगो का जीवन भी इसी से होने वाली आय पर निर्भर करता है।
इस बार कोरॉना वायरस के संक्रमण की वजह से सरकार ने चारधाम यात्रा की गाइडलाइंस शुरू की। रद्द की गई बुकिंग की वजह से श्रद्धालु लोग चिंतित ना हो, अगले दो वर्ष में श्रद्धालु अपनी समय अनुसार चारधाम दर्शन को जा सकते है।
साथ ही उन्हें उसी पर भुगतान करना होगा , जिस पर बुकिंग हुई थी।
कोरोनावायरस महामारी से बचाव के तहत जारी सरकारी परामर्श के अनुसार फिलहाल धार्मिक स्थलों में तीर्थयात्रियों को आने की अनुमति नहीं है। और बद्रीनाथ के कपाट खुलने के दौरान सीमित संख्या में लोग मौजूद रहे।


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